DM e-कॉन्क्लेव: यूपी के इन जिलों के डीएम ने बताया कोरोना से जीत का ‘महामंत्र’, बोले- स्थिति नियंत्रण में है

DM e-कॉन्क्लेव में गाजीपुर के डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने कहा कि गाजीपुर में दूसरी लहर को लेकर हमारी व्यवस्था ठीक है. मई के पहले हफ्ते में हमारा पॉजिटिविटी रेट बढ़ा था लेकिन अब ये घटकर 2.5 प्रतिशत पर आ गया है. जिलें में एक्टिव केस 2719 हैं. हमारा प्रयास है कि सभी एक्टिव केस तक टीमें भेजकर मेडिकल किट भिजवाएं. हमने मोबाइल टीम की संख्या बढ़ाई है. किसी को अस्पताल तक आने की जरूरत नहीं है. हमारा प्रयास है कि कन्टेनमेंट जोन और होम आइसोलेशन का पालन करें. कंट्रोल रूम भी 24 घंटे काम कर रहे है. हमारी टीम होम आइसोलेशन के मरीजों से बात कर रही है. जरूरत पड़ने पर होम आइसोलेशन में डॉक्टर को भी भेजते हैं. अगर किसी को टेलिमेडिसिन की जरूरत है तो उसके लिए भी हमने इंतजाम किए हैं. निगरानी समितियों के साथ साथ, आसपास के प्रतिष्ठित लोगों के जरिए भी हम लोगों को जागरूक करने का काम कर रहे हैं. 

सभी मरीजों के लिए बेड उपलब्ध
DM e-कॉन्क्लेव में आजमगढ़ के डीएम राजेश कुमार ने बताया कि आजमगढ़ जिले में लगातार पॉजिटिविटी रेट में कमी आई है. आजमगढ़ में पिछली लहर के दौरान हमने एक ऑक्सीजन प्लांट को मंजूरी दिलवायी थी. इसकी मदद से हम अभी ऑक्सीजन की आपूर्ति कर पा रहे हैं. आजमगढ़ में चार सरकारी और चार प्राइवेट अस्पताल हैं. हमारे पास जो भी मरीज आ रहे हैं, हम उन्हें बेड दे पा रहे हैं. जिले में बेड और ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है. कोरोना के अलावा दूसरे मरीजों के लिए भी ऑक्सीजन की कमी नहीं है. होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों के लिए हमने जगह निश्चित की है, जहां से उनके लिए ऑक्सीजन ली जा सकती है. इसके अलावा हम आने वाले समय में कुल सात प्लांट आजमगढ़ में लगाने जा रहा हैं.

निगरानी समिति के जरिए गावों पर नजर
DM e-कॉन्क्लेव में फतेहपुर की डीएम अपूर्वा दुबे ने बताया कि फतेहपुर में कुल एक्टिव केस 350 हैं, इसमें 286 केस होम आइसोलेशल में हैं. होम आइसोलेशल के मरीजों की लगातार निगरानी की जा रही है. कमांड सेंटर में शिफ्ट के हिसाब से डॉक्टर और अन्य कर्मचारी होम आइसोलेशन के मरीजों से संपर्क कर रहे हैं. हमारे पास कुल बेड 325 है, हमने प्राइवेट पांच अस्पतालों का चयन किया है, इन्हें एल 2 स्तर पर विकसित किया है. हमारे पास एल 2 अस्पताल में सिर्फ 23 मरीज ही भर्ती हैं. ग्राम निगरानी समिति के जरिए भी लगातार ग्रामीण इलाकों में नजर रख रहे हैं. लक्षण दिखने पर बिना देरी किए इलाज शुरू हो सके, इसके लिए तुरंत मेडिकल किट दी जा रही है. 

ऑक्सीजन की डिमांड भी घट रही है
DM e-कॉन्क्लेव से मिर्जापुर के मंडलायुक्त योगेश्वर राम मिश्रा ने कहा कि मिर्जापुर मंडल में सक्रिय लोगों की संख्या तीन हजार से कम हो गई है. पिछले दो सप्ताह में शुरुआत में थोड़ी संख्या बढ़ी लेकिन उसके बाद से नए मरीजों की संख्या कम हो गई है. मंडल में ऑक्सीजन की डिमांड में भी कमी आई है. दूसरी लहर की पीक के दौरान हमें ना तो बेड की दिक्कत हुई ना ही ऑक्सीजन की. दिक्कत हुई, स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. आरआरटी टीमें भी पूरी तरह एक्टिव हैं. मैंने भी पीपीई किट पहन कर कोविड अस्पताल में जाकर एक एक मरीज से उनका हाल पूछा है. हम जल्द ही और भी स्थिति में होंगे. मिर्जापुर में अभी साठ लोग ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं, भदोही में यह संख्या 38 है. सोनभद्र में यह संख्या ज्यादा थी लेकिन वहां भी संख्या में कमी आई है. सोनभद्र में 80 मरीज एल 2 अस्पताल में भर्ती हैं.

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