गोंडा के दो गांव में 15 दिनों में 20 ज्यादा लोगों की मौत, मृतकों में थे कोरोना वायरस संक्रमण के लक्षण

गोंडाः गोंडा में पंचायत चुनाव के बाद कोरोना संक्रमण और मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है. सबसे बुरी स्थिति उन लोगों की है जिनकी कोविड रिपोर्ट तो निगेटिव आ रही है लेकिन मरीज के अंदर सारे लक्षण कोविड के ही होते हैं और ऐसे संक्रमित लोगों की मौत लगातार हो रही है. गोंडा के दो गांव में 15 दिनों में 20 से ऊपर मौत हो चुकी है. 

जिले के हलधरमऊ गांव के हलधरमऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कुछ पॉजिटिव वा कुछ संभावित मिलाकर 15 से 16 लोगों की मौत हुई है. यह मौत का आंकड़ा ग्राम पंचायत चुनाव के दरमियान का है, तो वहीं बगल के कौढहा जगदीशपुर गांव में 15 दिन के अंदर 8 लोगों की मौत हुई है. कुल मिलाकर इस क्षेत्र में 23 लोगों की मौत हो चुकी है. सभी में कोरोना वायरस के संक्रमण जैसे लक्षण थे.

मौतों के बाद गांव में मचा है हड़कंप 
गांव में मौत के बाद लोग में हड़कंप मचा हुआ है और अभी तक स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में नहीं पहुंची है. हलधरमऊ गांव रहने वाले सपा विधान परिषद सदस्य का कहना है कि जब मैं पॉजिटिव हुआ था तभी एक बार टीम आई है और उसके बाद कोई टीम नहीं आई है. गांव में स्थिति बहुत ही गंभीर है.  

मृतकों में थे कोविड के लक्षण  
वहीं,  हलधरमऊ पंचायत के प्रधान मसूद खान ने बताया कि ग्राम पंचायत चुनाव से लेकर अब तक यहां 15 मौतें हो चुकी हैं. जब एमएलसी कोरोना पॉजिटिव थे तब जांच टीम आई थी, उसके बाद कोई टीम नहीं आई ना ही सरकार के तरफ से कोई मदद मिली है. 
गांव प्रधान के अनुसार, स्थिति बहुत खराब है. हर घर में कोई न कोई बीमार है और जो हॉस्पिटल गया वह हॉस्पिटल से जिंदा वापस लौट कर नहीं आया. हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की बहुत दिक्कत थी ऑक्सीजन ना मिलने की वजह से ज्यादा मौते हुई हैं. जितनी भी मौतें हुई हैं, सभी में कोविड के लक्षण थे और हमारे गांव कोविड में 15 -16 मौत हुई हैं

हलधरमऊ में 15 से 16 लोगों की हो चुकी है मौत
वहीं, सपा विधान परिषद सदस्य महफूज खान का कहना है कि कोविड से हमारे गांव में 15 से 16 मौत हुई है और गांव के कई लोग संक्रमित भी है. कुछ लोगों को जनरल फ़ीवर आया और जब लोगों का ऑक्सीजन लेवल डाउन हुआ तो लोग जैसे -तैसे अस्पतालों में भागने लगे और जब अस्पताल गए तो वहां पता लगा कि ऑक्सीजन है ही नहीं. 

बाद में यदि ऑक्सीजन आया तो इतना धीमा था लोग यह बता रहे थे उसको अगर कान में लगाओ तो बहुत हल्का आवाज दे रहा था, मतलब इतना धीमा चला रहे थे, तेज नहीं चला रहे थे. तेज चला देते तो ऑक्सीजन खत्म हो जाता.बाद में यह पता चलता कि आखिर खत्म हो गया है,  बस केवल दिखाने के लिए अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलेंडर रखा था और लोग मरते गए.

कौढहा जगदीशपुर में 8 लोगों की हो चुकी मौत 
वहीं, कौढहा जगदीशपुर के प्रधान मोहम्मद फिरोज खान का कहना है हमारे गांव की हालत बहुत ही नाजुक चल रही है और 8 लोगों की मौत हो चुकी है.  दो लोग इस समय हालात से नाजुक गुजर रहे हैं. लोगों की मौत महामारी के चलते हुई है. आठ मौत 15 दिन के अंदर हुई हैं. स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोई जांच टीम नही आई है.

वहीं, पूरे मामले पर चिकित्सा अधीक्षक रामप्रताप वर्मा का कहना है इसकी सूचना प्राप्त हुई है. आज हम एक टीम वहां भेज रहे हैं जो लोगों के सैंपल लेगी. लक्षण वाले जो भी मरीज पाए जाएंगे उनको दवा किट वितरित किए जाएंगे.
 

यह भी पढ़ें
कोरोना संकट: देश में 24 घंटे में 3.11 लाख लोग हुए संक्रमित, 4 हजार से ज्यादा मौत

Coronavirus In UP: सामने आए 12547 नए केस, 281 मरीजों की हुई मौत

Source link ABP Hindi


Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*