केंद्र सरकार पर कांग्रेस ने साधा निशाना, कहा- ऑक्सीजन संकट को रोका जा सकता था

नई दिल्ली: देश में रोजाना कोरोना वायरस के नए केस सामने आ रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ कोरोना वैक्सीन की कमी भी देखी जा रही है. इसके अलावा अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी भी देखने को मिल रही है, जिसके कारण मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है. ऑक्सीजन की कमी के कारण कई मरीजों की मौत भी हो गई. इस बीच कांग्रेस कोरोना वैक्सीन और अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमलावर है.

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कोरोना वैक्सीन और ऑक्सीजन को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है. पवन खेड़ा ने कहा, ‘आज हर मन व्यथित है, हर गांव में मातम है, हर गली में अर्थी उठ रही है. हर घर में चिंता है. हर मन में सवाल है कि यह सब मौतें रोकी जा सकती थी. इनमें से अधिकतर मौतें रोकी जा सकती थी. यह मौतें कोई कोविड से नहीं हुई, ये कोविड के कुप्रबंधन से मौतें हुई. यह बात सबको मालूम है.’

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, ‘ऑक्सीजन की कमी एक मानव निर्मित कमी है. ऑक्सीजन की कमी इस देश में नहीं थी. ऑक्सीजन अस्पतालों में खत्म हो जाए, अस्पतालों में जो मरीज हैं वो मर रहे हैं, बाहर कई मरीज भर्ती होने का इंतजार कर रहे हैं… इस तरह का मंजर इस देश में पहले नहीं देखा गया. यह सब रोका जा सकता था. जरूरी दवाइयों के लिए लोग दर-दर भटक रहे हों, उन्हें दवाइयां समय पर नहीं मिल रही हों, जानें जा रही हों, यह रोका जा सकता था.’

राज्यों पर फोड़ा ठिकरा

केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए खेड़ा ने कहा, ‘निर्णय आप ले रहे थे कि कितनी वैक्सीन, कौन सी वैक्सीन लेनी है. 14 राज्यों में, जिला अस्पतालों में जब 162 प्लांट ऑक्सीजन के लगने थे, उसका टेंडर भी केंद्र सरकार ही निकाल रही थी. इसमें 8 महीने की देरी हुई. ये भी आपने किया और जब चारों तरफ बर्बादी का माहौल दिखने लगा, तब आप नजरें फेर कर कहते हैं कि राज्यों की सरकारें जिम्मेदार हैं. ऑक्सीजन नहीं है, वैक्सीन नहीं है, वैक्सीन के लिए लोग घंटों ऑनलाइन या बाहर प्रतीक्षा कर रहे हैं. कतारों में खड़े हैं.’ हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव को लेकर खेड़ा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कहा कि बंगाल के चुनाव 8 चरणों में कराया गया. बड़ी-बड़ी रैलियां की गई. कुंभ मेला हुआ. ये निर्णय किसने लिया? ये निर्णय आपने लिया, तो सवाल भी आपसे ही होगा. लेकिन आपसे सवाल पूछना एक अपराध हो गया है.

वैक्सीन के लिए मोल भाव

वैक्सीन को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘आज आपकी वजह से अलग-अलग राज्य वैक्सीन निर्माताओं के पास जाकर मोल भाव कर रहे हैं. क्या कभी इस देश में ऐसा हुआ है? कल को तो एक-एक म्युनिसिपैलिटी ये करने लगेगी. क्या ऐसे देश चलाया जाता है? क्या कभी सुना है कि उन्हीं कंपनियों से अलग-अलग राज्य, अलग-अलग कीमत पर वैक्सीन खरीदेंगे और वैक्सीन मिलेगी या नहीं मिलेगी, किसी को कोई भरोसा नहीं है, कोई तारीख नहीं है.’

खेड़ा ने कहा कि आज जो जिंदा है, वो जिंदा रहने के लिए वैक्सीन के इंतजार में है. जो मर गए हैं, वो अंत्येष्टी के इंतजार में हैं. लाशें नदियों में बहा दी जा रही हैं. नदियों के किनारे पर गाड़ दी जा रही हैं और आप कहते हैं सवाल ना पूछें. कांग्रेस के हमारी निडर सिपाही पूरे 24 घंटे एक आवाज पर ऑक्सीजन लेकर पहुंच जाते थे. जब ये सब लोग लोगों की जान बचाने के लिए मेहनत कर रहे थे तब आप और आपकी सरकार, सरकार के 300 आला अधिकारी, मंत्री मिलकर आपकी नकली छवि बचाने का प्रयास कर रहे थे. इतिहास भूलेगा नहीं और सवाल आपसे फिर भी पूछेगा.

साथ ही खेड़ा ने सवाल पूछते हुए कहा, ‘वैक्सीन विदेशों में क्यों बेच दी? ऑक्सीजन क्यों नहीं है इस देश में? दवाइयां क्यों नहीं मिल रही इस देश में? क्यों लाशों को छुपाया जा रहा है? क्यों मीडिया को धमकाया जा रहा है, जो लाशें दिखा रहा है? सब अपना काम कर रहे हैं, अगर कोई काम नहीं कर रहा था अपना, जो पकड़ा गया काम नहीं करते हुए, वो आप हैं, इसलिए सवाल आपसे पूछे जाएंगे.’

यह भी पढ़ें: केंद्र ने राज्यों को मुफ्त में दी 20 करोड़ से ज्यादा कोरोना वैक्सीन, अब तक इतने लोगों को लगा टीका

Source link ABP Hindi


Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*