किसान आंदोलन: पंजाब-हरियाणा की पंचायतों की अपील- हर किसान परिवार का एक सदस्य जाए दिल्ली

नई दिल्ली: सरकार से बातचीत के बाद भी दिल्ली की सीमाओं पर लगातार छठे दिन किसानों का आंदोलन जारी रहा. सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद किसान टस से मस नहीं हो रहे हैं. इस बीच किसानों द्वारा जाम की गई दिल्ली की सड़कों पर किसानों की तादाद बढ़ने वाली है, जिससे राजधानी के लोगों की मुसीबतें भी बढ़ने वाली हैं.

दरअसल, पंजाब और हरियाणा की पंचायतों की अपील पर सैकड़ों किसान राशन, दवाइयां और जरूरी सामान लेकर दिल्ली आने की तैयारी कर रहे हैं. इन सामानों को ट्रैक्टरों पर लादा जा रहा है जो बुधवार से दिल्ली के लिए रवाना होंगे.

दरअसल, पंचायतों ने अपील की है कि किसानों के हर एक परिवार से कम से कम एक सदस्य दिल्ली भेजा जाए, जिससे प्रदर्शनकारी किसानों का हौसला बढ़ाया जा सके. सरकार पर दबाव बनाने के लिए किसान अब और ज्यादा प्रदर्शनकारियों को जुटाने की कोशिश में हैं.

हरियाणा के आढ़तियों ने दिया किसानों के प्रदर्शन को समर्थन

मंगलवार को हरियाणा के आढ़तियों ने दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में एक दिन की सांकेतिक हड़ताल की. दरअसल, केंद्र की तरफ से लाए गए कृषि कानून में आढ़तियों की भूमिका को खत्म कर दिया गया है. पंजाब के किसान और राजनेता इन आढ़तियों के समर्थन में भी आवाज उठा रहे हैं.

मंगलवार को किसानों और सरकार के बीच हुई बातचीत

मंगलवार को विज्ञान भवन में किसानों और सरकार के बीच बातचीत हुई. हालांकि, ये बैठक बेनतीजा रही. किसानों और सरकार के नुमाइंदों के कमेटी के प्रस्ताव को किसानों ने ठुकरा दिया. अब कल एक बार फिर किसान और सरकार के बीच बातचीत होगी. दिल्ली के विज्ञान भवन में हुई बैठक में किसानों की ओर से अलग अलग संगठनों के 35 नेता शामिल हुए. वहीं सरकार की ओऱ से तीन मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, पीयूष गोयल और सोमप्रकाश शामिल हुए.

सरकार ने किसानों को क्या प्रस्ताव दिया?

किसानों के साथ चर्चा के दौरान कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा- एक समिति बना देते हैं, आप अपने संगठन से चार-पांच नाम दीजिए. इस समिति में सरकार के लोग भी होंगे, कृषि एक्सपर्ट भी होंगे. यह सभी लोग नए कानून पर चर्चा करेंगे. इसके बाद देखेंगे कि कहां गलती है और आगे क्या करना है.

सरकार के प्रस्ताव पर किसानों ने क्या कहा?

किसान नेताओं ने कमेटी के मुद्दे पर कहा है कि, कमेटी बना लीजिए आप एक्स्पर्ट भी बुला लीजिए, हम तो ख़ुद एक्स्पर्ट हैं ही, लेकिन आप ये कि हम धरने से हट जाए ये सम्भव नहीं है. अभी इस पर और चर्चा होनी है. किसानों को कमिटी पर कोई आपत्ति नहीं है लेकिन जबतक कमिटी कोई निष्कर्ष पर नहीं पहुंचती और कुछ ठोस बात नहीं निकलती तब तक आंदोलन जारी रहेगा.

खिलाड़ियों ने पद्म पुरस्कार वापस करने का एलान किया

पद्मश्री और अर्जुन अवॉर्ड सम्मानित सहित कई पूर्व खिलाड़ियों ने एलान किया है कि कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली जा रहे किसानों पर हुए बल प्रयोग के विरोध में वे अपने पुरस्कार लौटाएंगे. इनमें पद्मश्री और अर्जुन अवॉर्ड विजेता पहलवान करतार सिंह, अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित बास्केटबॉल खिलाड़ी सज्जन सिंह चीमा और अर्जुन अवॉर्ड से ही सम्मानित हॉकी खिलाड़ी राजबीर कौर शामिल हैं. इन्होंने बताया कि पांच दिसंबर को वे दिल्ली जाएंगे और राष्ट्रपति भवन के बाहर अपने पुरस्कार रखेंगे.

ये भी पढ़ें:

एंटी ड्रोन सिस्टम से होगी पीएम आवास और प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स को मिली जिम्मेदारी 

सीएम योगी ने दिए कोविड-19 जांच की दर को ‘वाजिब’ बनाने के निर्देश, मोबाइल ऐप बनाने को भी कहा 

Source link ABP Hindi


Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*