वैक्सीन की आड़ में बॉडी में माइक्रोचिप लगाने का दावा, जानें क्या है सच्चाई

भारत में दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन अभियान लगातार जारी है. एक्सपर्ट्स ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में वैक्सीन को सुरक्षा कवच बताया है. ऐसे में देश के हर नागरिक को वैक्सीन मिल सके इसके लिए बड़ा अभियान चलाया जा रहा है. हालांकि वैक्सीनेशन ड्राइव की शुरुआत से ही कुछ अफवाहें लगातार फैलती रही हैं. इस बीच एक नया दावा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस दावे में कहा जा रहा है कि सरकार वैक्सीन के बहाने लोगों के शरीर में माइक्रोचिप ट्रांसप्लांट कर रही है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस तरह के दावों से जुड़े कई वीडियो लगातार वायरल हो रहे हैं. आज ऐसे ही दावों की सच्चाई की पड़ताल करेंगे और उनका सच आपको बताएंगे.

 सोशल मीडिया पर दावा-

वायरल हो रहे वीडियोज के अंदर दावा किया जा रहा है कि सरकार कोरोना वैक्सीन के बहाने लोगों के शरीर में माइक्रोचिप्स प्लांट कर रही है ताकि उन्हें अपने वश में किया जा सके.

 ये है दावे का सच-

तमाम पड़ताल के बावजूद ऐसा कोई भी तथ्य सामने नहीं आया है जिससे माइक्रोचिप्स प्लांट करने के दावे को सही ठहराया जा सके. दरअसल वैक्सीनेशन को लेकर ये अफवाह फैलाई गई है. ना ही ऐसी कोई खबर है कि सरकार ने पासपोर्ट के लिए वैक्सीन लगवाना अनिवार्य किया है. ऐसे में जांच के बाद सोशल मीडिया पर किया गया ये दावा झूठा पाया गया है. इससे पहले भी सोशल मीडिया पर अफवाह फैली थी कि बिल गेट्स लोगों के बायोमीट्रिक डाटा इकट्ठा करने के लिए वैक्सीनेशन का इस्तेमाल कर रहे हैं. ये दावा भी जांच के बाद झूठा पाया गया था. देश में कोरोना पर काबू पाने के लिए सरकार ने ना सिर्फ वैक्सीनेशन ड्राइव को तेज किया है बल्कि कोविन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता को भी खत्म कर दिया गया है. ऐसे में सही यही होगा कि हर कोई वैक्सीन को दोनों डोज ले ताकि कोरोना के खिलाफ जंग को जीता जा सके.

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