यहां बच्चियों के जन्म पर मनाया जाता है उत्सव, समाज को दिशा दे रही हैं ये महिला डॉक्टर 

Varanasi Doctors Day: आज डॉक्टर्स डे है और ये दिन ऐसे चिकित्सकों को सलाम करने का है जिन्होंने लोगों की सेवा करने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया. वाराणसी की एक चिकित्सक की खास मुहिम आपको प्रभावित जरूर करेगी. वाराणसी की ये चिकित्सक बच्चियों के जन्म पर उत्सव मनाती हैं. इतना ही नहीं इनके अस्पताल में डिलीवरी चार्ज नहीं लिया जाता है. प्रधानमंत्री की बेटी बचाओ मुहिम को ये महिला चिकित्सक धार दे रही हैं. 

2014 से शुरू हुई मुहिम 
वाराणसी के पांडेयपुर क्षेत्र में रहने वाली डॉक्टर शिप्राधर आज उन लोगों के लिए उदाहरण हैं जो बेटी के जन्म पर दुख जताते हैं. पहले इनके अस्पताल में भी बच्चियों के जन्म पर लोग दुखी हो जाते थे लेकिन डॉक्टर को लोगों का दुखी होना कहीं ना कहीं दर्द दे जाता था. सामने बड़ी मुश्किल थी तब इन्होंने हिम्मत जुटाई और समाज को प्रेरणा देने वाली पहल शुरू की. पहली बच्ची के जन्म के बाद डिलीवरी चार्ज की फ्री सेवा और बच्ची की मां को उपहार देने की नई शुरुआत की गई. लोग आते रहे और मुस्कान जन्म लेती रही. धीरे-धीरे ये मुहिम आगे बढ़ी, प्रधानमंत्री की बेटी बचाओ मुहिम का सपोर्ट भी मिला और आज 428 बच्चियों के जन्म के बाद भी महिला चिकित्सक की मुहिम जारी है.

सामाजिक कुरीति से दूर रहने का संदेश
चिकित्सक कई बार अलग-अलग रूप में सामने आते हैं लेकिन शिप्राधर जैसी चिकित्सक लोगों को ममता के रूप में दिखाई देती हैं. जब बेटी का जन्म इनके अस्पताल में होता है तो खुशियां मनाई जाती हैं और बच्ची की मां को उपहार दिए जाते हैं. इसका उद्देश्य सिर्फ इतना है कि आगे भी बिटिया आपके जीवन को खुशियों से भरेगी.

चिकित्सा को सलाम
समाज को दिशा देने के साथ ही सेव डॉक्टर के संदेश को प्रसारित करने वाली इस महिला चिकित्सक के प्रयास को हर कोई सराहता है. इनके बारे में ये कहना गलत नहीं होगा यूं ही नहीं मंजिल होती है आसान, मंजिल को पाने के लिए कुछ तो करना होता है.

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