Ram Mandir Land Deal: ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष बोले- जमीन खरीद में नहीं बरती अनियमितता

Ram Mandir Land Deal: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ऊपर लगातार जमीन खरीद-फरोख्त को लेकर लग रहे आरोपों के बीच ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी मीडिया के सामने आए. उन्होंने इस पूरे मामले में ट्रस्ट का पक्ष रखा है. गोविंद देव गिरी ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने साफ कहा कि जमीन खरीद में किसी तरह की अनियमितता नहीं बरती गई है.

उन्होंने सफाई पेश करते हुए कहा, “हम जो मंदिर दुनिया के सामने खड़ा करना चाहते हैं. वह निश्चित रूप से दुनिया में सबसे बड़ा स्थान होगा. मंदिर के आसपास परकोटे के निर्माण के लिए हमारे पास भूमि नहीं थी. जो भी भूमि खरीदी गई, पूरे विधि-विधान और और कानून के अनुसार किया गया है. जो कुछ भी भूमि ग्रहण किया गया है वह सब आज के अयोध्या के बाजार भाव से इतने में या उससे कम में ही लिया गया है. लोगों को भ्रमित करने का प्रयास किया गया. आरोप लगाने वाले लोगों की मंशा भगवान राम के मंदिर निर्माण के कार्य में बाधा डालने की है. सारा कार्य वैधानिक रूप से किया गया है. इसमें किसी प्रकार का किसी से भी व्यवहार नहीं किया गया है. कहीं पर भी कानून की मर्यादा को धूमिल नहीं किया गया है.” 

उन्होंने आगे कहा कि जिन लोगों ने ऐसा आरोप लगाया है उन्होंने इसे तूल देकर पूरे देश में एक भ्रम निर्माण करने का प्रयास किया है. मैं सारे राम भक्तों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि जिस विश्वास से यह कार्य हम लोगों को सौंपा गया है. उस विश्वास को हम सार्थक करके रहेंगे. आगे भी हम इससे सतर्क रहेंगे क्योंकि सावधानी में शिथिलता हम लोगों को भी नहीं करनी है. उनकी मानसिकता भ्रामक प्रचार करने की है. इन लोगों के मन में राजनैतिक भावनाएं हैं. हम इस प्रकार की बातों को सफल नहीं होने देंगे.

मीडिया ट्रायल नहीं चाहते
गोविंद गिरी ने कहा कि इस मामले का मीडिया ट्रायल नहीं करना चाहते हैं. जब कोई व्यक्ति हमसे इसके बारे में पूछेगा तो हम पूरे प्रमाण के साथ उसको बताएंगे. जिन लोगों के मन में राजनीतिक उद्देश्य है उन लोगों का विश्वास आप लोग मत कीजिएगा, हम पर विश्वास कीजिएगा. उन्होंने ये भी कहा कि अगर हमारी न्यास मंडली कहेगी तो हम इन पर केस करेंगे.

अयोध्या में चल रही थी गोपनीय बैठक
बता दें कि पिछले तीन दिन से अयोध्या में ट्रस्ट की एक गोपनीय बैठक चल रही थी. जिसमें जमीन खरीद-फरोख्त मामले पर लग रहे आरोपों की उच्च स्तरीय जांच ट्रस्ट के आंतरिक सदस्य कर रहे थे. ट्रस्ट ने जमीन खरीद-फरोख्त मामले पर आरोप लग रहे सभी लोगों को आरोप मुक्त किया है.

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