Exclusive:एबीपी न्यूज़ की बातचीत में रो पड़ीं अफगानी सांसद, कहा- तालिबान पहले से ज्यादा बुरा

Afghanistan’s MP Anarkali Exclusive: अफगानिस्तान में काबुल एयरपोर्ट पर लोगों की भीड़ है. हर कोई किसी भी तरह से बस वहां से निकल जाना चाहता है. कई अफगानी नागरिक मुल्क छोड़कर भारत आ चुके हैं. इसमें वहां के नेता और राजनयिक शामिल हैं. इन्हीं में से अफगानिस्तान की एक सांसद अनारकली कौर रविवार को भारत आईं. वहां के हालात पर एबीपी न्यूज़ से उन्होंने खास बातचीत की. अपने मुल्क के हालात को बयां करने के दौरान वो कई बार रो पड़ीं.

मुल्क छोड़ने का फैसला क्यों लेना पड़ा?

अनारकली कौर ने कहा कि अपने घर और मुल्क को छोड़ना आसान बात नहीं है. लेकिन कभी-कभी हालात ऐसे हो जाते हैं जो इंसान को मजबूर कर देते हैं. उन्होंने कहा कि वे अपने देश और अपने देश के लोगों से बहुत प्यार करती हैं. कभी नहीं सोचा था कि ऐसे हालात हो जाएंगे.

अफगानी सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारतीय वायुसेना और विदेश मंत्रालय का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने कहा कि भारत वो मुल्क है जिसने अफगानिस्तान की बहुत ज्यादा मदद की है. अफगानिस्तान के लोग भारत के लोगों से बेहद प्रेम करते हैं. हम दोनों मुल्क के कल्चर में भी ज्यादा अंतर नहीं है.

लोगों को पास दस्तावेज नहीं हैं

अनारकली कौर ने कहा कि आज अफगानिस्तान से जो लोग घऱों से निकल रहे हैं उनके पास कोई दस्तावेज नहीं है. कुछ लोग तो ऐसे हैं तो अफगानिस्तान के निवासी हैं लेकिन उनके पास वहां की आईडी कार्ड तक नहीं है. लोगों के पास पासपोर्ट नहीं है लेकिन वो बच्चों के साथ घरों से निकल गए हैं. वो ये नहीं जानते कि अफगानिस्तान के बाहर कहां जाएंगे लेकिन वे किसी भी विमान के जरिए बस वहां से निकल जाना चाहते हैं. मीडिया में जो तस्वीरें सामने आती हैं उससे कहीं ज्यादा दिक्कत वहां पर है. लोगों के दिलों में खौफ है.

आज के हालात के पीछे कौन?

अफगानी सांसद ने अमेरिका की तरफ इशारा करते हुए कहा कि इस तरह से उनका चले जाना आज के हालात के पीछे की वजह है. उन्होंने कहा कि दोहा में अमेरिका और तालिबान के बीच एक एक समझौता हुआ था. उस समझौते में तालिबान जो चाहता थो वो सब हुआ. अफगानिस्तान के लोगों का खयाल नहीं रखा गया. इसमें अमेरिका के फोर्स के निकलने और जेल में बंद तालिबानी लड़ाकों को छोड़ने जैसी बातें थीं. जब अमेरिकी की फौज निकल गई तो खूब हिंसा हुआ है और महज दस दिनों में एक एक प्रांत पर तालिबान का कब्जा होता चला गया.

क्या तालिबान महिलाओं के प्रति अपनी सोच बदलेगा?

अनारकली कौर ने कहा कि तालिबान अभी भी नहीं बदला है. शायद आज का तालिबान बीस साल पहले वाले तालिबान से भी बुरा है. आने वाले दिनों में हम देखेंगे कि तालिबान क्या करता है. अभी तक तालिबान ने अपनी सरकार का एलान नहीं किया है कि कौन राष्ट्रपति होगा. सिर्फ मीटिंग की खबरें मीडिया में आ रही हैं.

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