Janmashtami 2021: प्रकट हुए बाल कृष्ण, मथुरा से लेकर द्वारकाधीश तक कान्हा ही कान्हा

Janmashtami 2021: भगवान श्री कृष्ण का प्राकट्य हो चुका है. कृष्ण नगरी मथुरा में एक मंदिर में एक चांदी के सूप में भगवान श्री कृष्ण के बाल रूप को लाया गया और कामधेनु के पास रख गया. इस प्राकट्य को देखने के लिए श्रद्धालु सुबह से इंतजार कर रहे थे. भगवान के बाल रूप पर कामधेनु के दूध की धार गिराई गई. दूध, दही और घी से उनका अभिषेक किया गया. भगवान की जय जयकार से पूरा माहौल गूंज गया.  

जनमाष्टमी के मौके पर पूरा देश भगवान कृष्ण भक्ति में डूबा हुआ है. वे भगवान विष्णु के आठवें अवतार हैं. अलग-अलग राज्यों में मंदिरों को खूबसूरती से सजाया गया है. अहमदबाद के एक मंदिर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मौजूद रहे. कृष्ण की नगरी मथुरा में भव्य तरीके से भगवान कृष्ण के मंदिर को सजाया गया. 

मथुरा के अलग-अलग मंदिरों में सोमवार को जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया. श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर सुबह-सुबह भक्तों की भीड़ उमड़ी और दिन चढ़ने के साथ ही वृंदावन में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. वृंदावन में दिन में तीन मंदिरों में उत्सव मनाया गया. श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने कहा, “जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में शहनाई पर मधुर धुन बजने के साथ ही भक्तों ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान के प्रांगण में नृत्य किया.”

मंदिर के जनसंपर्क अधिकारी राकेश तिवारी ने बताया कि द्वारकाधीश मंदिर में सैकड़ों श्रद्धालु देवता के अभिषेक में शामिल हुए. राधा रमन मंदिर में ‘अभिषेक’ तीन घंटे से अधिक समय तक चला तथा पुजारियों पद्मनाभ गोस्वामी, श्रीवत्स गोस्वामी, दिनेश चंद्र गोस्वामी और ओम गोस्वामी ने संयुक्त रूप से अनुष्ठान किया. दिनेश चंद्र गोस्वामी ने बताया कि कुल 27 क्विंटल दही, दूध, शहद, खांडसारी, घी और जड़ी-बूटियों के लेप से श्रीकृष्ण का अभिषेक किया गया. अभिषेक समारोह के बाद, वृंदावन के निवासियों और विभिन्न स्थानों से आने वाले श्रद्धालुओं के बीच चरणामृत वितरित किया गया.

राधा दामोदर मंदिर में अभिषेक के दौरान हल्दी और दही के मिश्रण से होली खेली गई. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव ग्रोवर ने बताया कि नंदगांव, गोवर्धन, बलदेव, जातिपुरा, बरसाना, वृंदावन और मथुरा के अन्य मंदिरों में जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई गई और इस दौरान किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है.

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