NEET पेपर लीक मामले में 9 लोग चढ़े जयपुर पुलिस के हत्थे, 35 लाख में हुआ था सौदा

देश भर से हजारों की संख्या में स्टूडेंट्स हर साल NEET क्वालिफाई कर डॉक्टर बनने के लिए मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेते है. वहीं अब ये परीक्षा सवालों के घेरे में आ चुकी है. दरअसल NEET परीक्षा देश भर में पिछले रविवार को संपन्न हुई थी. वहीं जयपुर पुलिस ने खुलासा किया है कि नीट का पेपर जयपुर में लीक हुआ था. इस लीक मामले में करीब नौ लोगों की गिरफ़्तारी भी जयपुर पुलिस ने की है. 

भांकरोटा इलाके के परीक्षा केंद्र पर पेपर लीक होने का दावा

इस  साल नीट की परीक्षा में करीब 16 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे और जयपुर पुलिस ने जिले के भांकरोटा इलाके के एक परीक्षा केंद्र पर पेपर लीक होने का दावा किया है. ये परीक्षा रविवार को दोपहर दो बजे शुरु हुई और पेपर ओपन ही इस पेपर को व्हाट्स एप पर फोटो खींचकर सीकर जिले के एक कोचिंग सेंटर पर भेजा गया था. इस कोचिंग सेंटर पर मौजूद एक शिक्षक ने इस पेपर के दो सौ में से 172 प्रश्नों के उत्तर लिखे और उसे फिर से भांकरोटा के सेंटर पर शाम साढ़े चार बजे पहुंचा दिया. इस सेंटर पर परीक्षा दे रही एक छात्रा ने इन 172 सवालों को कॉपी कर अपनी उत्तर पुस्तिका में उतार दिया. बहरहाल पुलिस ने इस छात्रा समेत गिरोह के कई लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. 

छात्रा को पास करवाने के लिए 35 लाख में हुआ था सौदा

वहीं पुलिस ने जानकारी दी है कि इस पूरे मामले में जिस मोबाइल फोन से NEET का पेपर फोटो खींचकर व्हाट्स एप के जरिये भेजा गया था उसे बरामद कर लिया गया है. इसके अलावा छात्रा द्वारा हल किया गया पेपर,सीकर से भेजे गए सवालों के जवाब की कॉपी और दस लाख रुपए नकद भी बरामद किये गए है. छात्रा धनेश्वरी को इस परीक्षा में पास करवाने का सौदा 35 लाख में हुआ था और आधा पैसा परीक्षा के पहले और आधा बाद में देना तय  हुआ था.

पुलिस ने 6 मेडिकल स्टूडेंट्स को भी गिरफ्तार किया

भांकरोटा के परीक्षा केंद्र का प्रशासक मुकेश सामोता और केंद्र का वीक्षक राम सिंह भी पुलिस के हत्थे चढ़ चुके है. इसके अलावा पुलिस ने 6 ऐसे मेडिकल स्टूडेंट को भी अलग अलग परीक्षा केंद्रों से गिरफ्तार किया है जो कमजोर परीक्षर्थियों की जगह नीट की परीक्षा दे रहे थे. इस गैंग का सरगना राजन राजगुरु नाम का एक शख्स है जो साल 2010 की राजस्थान प्री मेडिकल परीक्षा का सेकेण्ड टॉपर रहा था और वो अभी चित्तौड़गढ़ में मेडिकल अफसर के पद पर लगा हुआ है.

कोचिंग सेंटर में अमीर परिवार के बच्चों की पहचान करता था आरोपी

आरोपी राजन राजगुरु पहले कोचिंग सेंटर में ऐसे बच्चों की पहचान करता जो अमीर परिवार से ताल्लुक रखते थे. फिर इन बच्चों के परिजनों से संपर्क साध कर उनसे पचीस लाख रुपए में परीक्षा में बच्चे की जगह किसी दूसरे को बैठाने का इंतज़ाम कर देता था. जिन 6 मेडिकल छात्रों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है वे ऐसे ही कमजोर बच्चों की जगह परीक्षा दे रहे थे. इनमे दो छात्रा भी शामिल है. प्राची परमार देहरादून मेडिकल कालेज में थर्ड ईयर और प्रिया चौधरी भरतपुर मेडिकल कालेज में थर्ड ईयर एम् बी बी एस की छात्रा है. इसी तरह देहरादून मेडिकल कालेज का प्रदुमन सिंह, बनारस मेडिकल कालेज का सावंर मल सुथार, इसी मेडिकल कालेज  का प्रवीण मंडा और अंकित यादव भी दूसरे छात्र की  जगह परीक्षा देते हुए पकड़े गये हैं. 

मास्टर माइंड राजन राजगुरु ने किया चौंकाने वाला खुलासा

 इस पूरे मामले में सबसे हैरानी में डालने वाली बात जो सामने आयी है वो खुद मास्टर माइंड राजन राजगुरु ने बताई. राजन का ये खुलासा उन तमाम लोगों की आंखे खोल देगा जो अपने बच्चों को डाक्टर तो बनाना चाहते है लेकिन इस तरह पैसा देकर नीट परीक्षा पास करवा कर. राजन राजगुरु ने पुलिस को बताया कि उसने झुंझुनू की एक  छात्रा डिम्पल को दो साल पहले इसी तरह से फर्जीवाड़ा करके नीट परीक्षा पास करवा दी थी. डिम्पल को मेडिकल कालेज में एडमिशन भी मिल गया लेकिन वो दो साल में एम् बी बी एस का फर्स्ट ईयर पास नहीं कर सकी और उसने एमबीबीएस छोड़ दिया. ऐसे में अगर लाखों रुपए खर्च करके भी उसने नीट पास कर ली तो हासिल किया हुआ. ये बात फर्जी तरीके से NEE परीक्षा पास करने के इच्छुक बच्चो और उनके अभिभावकों को समझनी होगी.  

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