Punjab में आधी से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ेगी BJP, पर कौन होगा गठबंधन से CM का चेहरा? जानें

Punjab Election: पंजाब (Punjab) में पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (Amarinder Singh) की पंजाब लोक कांग्रेस (Punjab Lok Congress) और सुखदेव सिंह ढींढसा (Sukhdev Singh Dhindsa) के शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) के साथ अपने गठबंधन में भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा वरिष्ठ साझेदार की भूमिका निभाने की संभावना है. साथ ही, चुनाव से पहले गठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद के लिए कोई चेहरा पेश करने की संभावना नहीं है. सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी. पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री ढींढसा ने सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) और बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा (JP Nadda) सहित पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की.

शाह के आवास पर हुई बैठक के बाद बीजेपी के पंजाब प्रभारी एवं केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत (Gajendra Singh Shekhawat) ने तीनों दलों के साथ मिल कर विधानसभा चुनाव लड़ने की औपचारिक रूप से घोषणा की और कहा कि एक साझा चुनाव घोषणापत्र जारी किया जाएगा. शेखावत ने बैठक के बाद कहा, ‘‘केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा, अमरिंदर सिंह और सुखदेव सिंह ढींढसा ने यहां एक बैठक की और यह फैसला किया गया कि बीजेपी, सिंह की पार्टी और ढींढसा की पार्टी पंजाब में मिलकर विधानसभा चुनाव लडेंगी.’’

पंजाब में बीजेपी के चुनाव प्रभारी शेखावत ने कहा कि सीट के बंटवारे संबंधी समझौते को अंतिम रूप देने के लिए एक संयुक्त समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें हर दल के दो नेता शामिल होंगे. गठबंधन के मुख्यमंत्री पद का चेहरा के बारे में पूछे जाने पर, शेखावत ने कहा कि गठबंधन चुनाव सामूहिक नेतृत्व के तहत लड़ेगा. उन्होंने कहा, ‘‘बीजेपी आमतौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर चुनाव लड़ती है.’’ उन्होंने कहा कि पार्टी मुख्यमंत्री पद के लिए कोई चेहरा प्रायोजित नहीं करेगी.

सीएम चेहरे पर बीजेपी का बयान

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पंजाब में शिरोमणि अकाली दल के साथ बीजेपी के पिछले गठबंधन के आधार पर सीट बंटवारा समझौता आधारित नहीं होगा. शेखावत ने कहा, ‘‘बीजेपी एक राष्ट्रीय पार्टी है जिसने दो लोकसभा चुनावों में लगातार जीत दर्ज की है और देश भर में अपना आधार विस्तारित किया है इसलिए पंजाब में गठबंधन राज्य में अकाली दल के साथ पिछले गठबंधन के सीट बंटवारा समझौता पर आधारित नहीं होगा.’’

मंत्री ने कहा कि दृष्टिकोण पत्र में पंजाब और सिखों के सभी लंबित मुद्दों पर जोर दिया जाएगा. पार्टी सूत्रों ने बताया कि बीजेपी राज्य में गठबंधन के वरिष्ठ साझेदार की भूमिका निभाएगी और 117 में आधी से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ सकती है. बीजेपी सूत्रों ने बताया कि पंजाब विधानसभा चुनाव में पंचकोणीय मुकाबला होने का अनुमान है, क्योंकि कांग्रेस, शिअद और आम आदमी पार्टी के अलावा विभिन्न किसान संगठन भी चुनावी मैदान में उतर सकते हैं.

अमरिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देने और कांग्रेस छोड़ने के कुछ दिन बाद अपने अलग दल ‘पंजाब लोक कांग्रेस’ का गठन किया. इससे पहले, बीजेपी के सबसे पुराने सहयोगी दलों में शामिल शिअद तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से अलग हो गया था.

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