Survey: बढ़ते कोरोना की वजह से क्या नेताओं की रैली पर रोक लगनी चाहिए? लोगों का जवाब है ऐसा

ABP News C-Voter Survey: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh), पंजाब (Punjab), उत्तराखंड (Uttarakhand), गोवा (Goa) और मणिपुर (Manipur) में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा के चुनाव (Assembly Election) होने हैं. चुनावों के मद्देनज़र इन राज्यों में तमाम राजनीतिक पार्टियां अपना पूरा दमखम झोंक रही हैं. रैलियों से लेकर रथ यात्राओं तक, हर पार्टी वोटरों तक अपनी बात पहुंचाने में जुटी हुई है. हालांकि ये सब कुछ देश में तब हो रहा है, जब कोरोना (Coronavirus) की तीसरी लहर (Third Wave) का खतरा बढ़ता जा रहा है. कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रोन (Omicron Variant) ने देश में तेज़ी से पैर पसारना शुरू कर दिया है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या नेताओं को इस बड़े खतरे को देखते हुए अपनी रैलियों को रोक देना चाहिए?

एबीपी न्यूज़ ने जनहित के इस सवाल को सी वोटर के ज़रिए लोगों के सामने रखा. सी वोटर द्वारा किए गए सर्वे में ज्यादातर लोगों ने कहा कि नागरिकों की ज़िंदगियों को ध्यान में रखते हुए नेताओं को अपनी रैलियों पर रोक लगानी चाहिए. 78 फीसदी लोगों ने रैलियों पर रोक लगाने का समर्थन किया, जबकि 22 फीसदी लोगों का मानना था कि रैलियों पर रोक नहीं लगानी चाहिए.

बढ़ते कोरोना की वजह से क्या नेताओं की रैली पर रोक लगनी चाहिए ?
C-VOTER का सर्वे

हां -78%
नहीं-22%

देश में आज कोरोना के कितने केस आए?

रविवार को कोरोना के 6 हजार 987 नए मामले सामने आए, जबकि 162 लोगों की मौत हुई है. इसके बाद देश में कोरोना के कुल सक्रिय मरीजों की बढ़कर 76 हजार 766 हो गई है. जबकि, कोरोना से ठीक होने वाले की संख्या 3 करोड़ 42 लाख 30 हजार 354 हो गई है. 

देश में इस महामारी के चलते अब तक देश में 4 लाख 79 हजार 682 लोगों ने अब तक अपनी जान गंवाई है. इस बीच सरकार की तरफ वैक्सीनेशन की तेज रफ्तार बरकरार है. अब तक 141 करोड़ 30 लाख वैक्सीन की डोज लोगों को दी जा चुकी है.

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